बिरसा कहते हैं तहसीलदार तहसील का मालिक होता है। जो तहसील में निवासरत जनता की राजस्व सम्बंधित समस्याओं का समाधान करता है। किन्तु बालाघाट जिले के बिरसा तहसील के तहसीलदार राजू लाल नामदेव बिरसा तहसील की जनता के लिए मुसीबत बनकर अपनी तानाशाही से क्षेत्र की जनता को लूटने का काम कर रहें हैं। तहसीलदार राजूलाल नामदेव के रहते रुपयों के बलबूते पर किसी की भी जमीन को किसी के भी नाम से करा लेना कोई बड़ी बात नही है। खनिज माफिया, भूमाफियों से सांठ – गांठ कर करोड़ों रुपयों का खुले आम भ्रष्टाचार करना उनकी आदत में है। न्यायालय में विचाराधीन मामले में भी रुपयों के बल पर एक पक्षीय निर्णय देकर एक पक्ष के साथ अन्याय करना इनकी आदत में है। ऐसे अनेकों मामले में इनके द्वारा निर्णय दिए गए हैं। प्रकरण क्रमांक 0088/अपील 2025-26 दिनांक 19/2/2026 को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बैहर द्वारा नियत किया गया है। उस मामले में समय से पहले निर्णय देना। साथ ही मा.सिविल न्यायालय बैहर के प्रकरण क्रमांक RCSA/25/2025 विचाराधीन है। उस मामले में निर्णय देना कहां तक सही है। बैहर मा.न्यायालय में अपील करने पर प्रकरण क्रमांक MCA/08/2025 में दिनांक 10/2/2025 को निरस्त कर प्रकरण को पुनः विधि अनुसार निराकरण हेतु रिमाइंड कर दिया गया है। मा.न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुवे तहसीलदार राजूलाल नामदेव ने उस मामले में रुपया लेकर एक पक्षीय कार्यवाही करते हुए जमीन को बंटवारे के निर्णय दे दिया गया है। और अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पुलिस प्रशासन को अपने साथ लेकर दूसरे पक्ष को परेशान करने उनके घर पहुंच कर उन्हें धमकाया गया जिससे घर वाले दहशत में हैं। इसी तरह का मामला बिरसा निवासी ज्ञानचंद मेश्राम और प्रदीप डोंगरे का है जिस मकान में वे 50 वर्षों से रहते थे जिनके पास उस जमीन का वैध पट्टा रहते हुए भू माफियों के कहने पर बुलडोजर से तुड़वा दिया गया। लम्बी कानूनी लड़ाई के पश्चात मा. न्यायालय ने पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाया। किन्तु भूमाफियों के इशारे पर उन पीड़ितों को तहसीलदार द्वारा न्याय नही मिला ऐसे अनेकों मामले में तहसीलदार लिप्त है। तहसीलदार की अपनी तानाशाही तथा अपने काम में लापरवाही करने के कारण बालाघाट जिला कलेक्टर के द्वारा तहसीलदार पर तीन हजार रुपयों का जुर्माना किया गया है। राजस्व भूमि से अवैध रूप से रेत का परिवहन करवाना, राजस्व भूमि से अवैध रूप से जंगलों की कटाई करवाकर बिना टी. पी. के माफियों के माध्यम से लठ्ठों का परिवहन कराकर लाखों रुपयों का भ्रष्टाचार किया जा रहा है। साथ ही सैकड़ों वर्षों से राजस्व भूमि में मकान बनाकर निवासरत लोगों को अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी कर उन्हें कार्यालय बुलवाकर उनसे रुपयों की मांग कर सीधे साधे क्षेत्र के आदिवासियों तथा पिछड़े वर्ग के लोगों को परेशान किया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय सन्त बौद्धिक मंच के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नरेन्द्र मोदी विचार मंच के राष्ट्रीय संरक्षक स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज के पास बिरसा तहसील के निवासी पहुंच कर बिरसा तहसीलदार राजू लाल नामदेव के द्वारा किए जा रहे अत्याचार से छुटकारा दिलाकर न्याय दिलाने की माँग की गई। जिस पर स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज ने मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं जिला कलेक्टर बालाघाट से मांग की है कि बिरसा तहसीलदार राजू लाल नामदेव के द्वारा बिरसा तहसील के निवासियों के साथ किए जा रहे अत्याचार की निष्पक्ष जांच करवा कर तहसीलदार राजू लाल नामदेव पर कार्यवाही करते हुए निलम्बित कर उनके द्वारा अवैध रूप से अर्जित चल-अचल सम्पत्ति की जांच की जाए। और आय से अधिक सम्पत्ति रखने का मामला पंजीबद्ध किया जाए।











