नेपाल की पावन भूमि पर अंतर्राष्ट्रीय सन्त बौद्धिक मंच के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज का भव्य, गरिमामय एवं आत्मीय स्वागत किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रेश्वर चौधरी के नेतृत्व में संतों, बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों तथा श्रद्धालुओं ने ढोल धमाके, आतिशबाजी तथा पुष्पवर्षा कर महाराज का अभिनंदन किया।
स्वागत समारोह में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज ने कहा कि
“नेपाल की पावन धरती पर मिला यह स्नेह, सम्मान और आत्मीयता मेरे लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। नेपाल और भारत की आध्यात्मिक परंपराएँ सनातन संस्कृति की साझा धरोहर हैं, जो संपूर्ण विश्व को शांति, करुणा और मानवता का संदेश देती हैं।”
उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सन्त बौद्धिक मंच समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना, बौद्धिक चेतना के विस्तार और आध्यात्मिक जागरण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने युवाओं से संस्कार, सेवा और सत्य के मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए राष्ट्र और समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा दी।
स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज ने आयोजकों एवं नेपालवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि संपूर्ण सनातन परंपरा का सम्मान है। इस अवसर पर अनेक संत, धर्माचार्य, समाजसेवी, बुद्धिजीवी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरा वातावरण भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दिया।
इस अवसर पर विशेष रूप से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अवध बिहारी लाल शाह, सह महामंत्री सिंहेश्वर महता, भूखंड मेहता, पप्पू पोदार, रामचंद्र मेहता, छोटा रामचंद्र मेहता, लक्ष्मी मेहता, सुनीता चौधरी राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, प्रदेश कोषाध्यक्ष पूजा कुमारी चौधरी, नगर उपाध्यक्ष मीरा देवी खतवे, विमला राय, संजू मण्डल, सावित्री देवी पुरेल, सविता माता राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं सैकड़ों पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता बाजा गाजा एवं आतिशबाजी के साथ उपस्थित रहे।












