25 करोड़ सदस्य बनाने के लक्ष्य को पूरा कर सन्तों को सत्ता तक पहुंचाने के लिए देश विदेश में भ्रमण कर रहे अंतर्राष्ट्रीय सन्त बौद्धिक मंच के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सनातनी अखाड़ा के संस्थापक संयोजक स्वामी स्वदेशानन्द ब्रह्म गिरि महाराज दिल्ली से “सन्त करपात्री” सम्मान से सम्मानित होकर बैहर पहुंचे तो उनके समर्थकों एवं पदाधिकारियों द्वारा बैहर के हृदय स्थल जयस्तंभ चौक में स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज का पुष्प हार एवं तिलक लगाकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज ने कहा कि यह संगठन आज देश और विदेश मे काम कर रहा है। इस संगठन के माध्यम से हम सन्तों को संसद तक पहुंचा कर देश में “सन्त संसद” की स्थापना करना चाहते हैं। आपने कहा कि आज देश की संसद में दो सन्त हैं हम दो सौ सन्तों को संसद में भेजना चाहते हैं जिसकी तैयारी हम और हमारे संगठन के पदाधिकारी रात और दिन मेहनत करके संगठन में 25 करोड़ सदस्य बनाने के लिए लगे हुए हैं। आपने कहां की यह संगठन अमर हो गया हैं आपने कहा की “जब तक सूरज चाँद रहेगा” संगठन का नाम रहेगा। स्वामी स्वदेशानंद ने कि मैं रहूं या ना रहूं यह संगठन निरंतर चलता ही रहेगा। स्वागत के समय निरंजन शर्मा राष्ट्रीय महामंत्री, राष्ट्रीय सचिव दिलीप भगत, चैतराम धानेश्वर प्रदेश मीडिया प्रभारी, जिलाध्यक्ष मेहतलाल कटरे, झनक लाला चौहान जिला महामंत्री, शेखर अहिरवार तहसील उपाध्यक्ष, चैतराम नायक तहसील महामंत्री, मंजू उयके तहसील अध्यक्ष, आशीष शिकारी विधान सभा अध्यक्ष, छोटू यादव तहसील अध्यक्ष, कृष्णा महोबिया, भूपेन्द्र खाले, जितेन्द्र अहिरवार, सतीश मोहबे आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।












